About Human Heart Structure

मानव हृदय क्या है? (Definition of Human Heart in Hindi)

मानव का ह्रदय या दिल शरीर का वह अंग है जो मुख्यतः हमारे शरीर में रक्तवाह तंत्र (Blood Circulation System) की मदद से खून पंप करने के काम के लिए जाना जाता है।

human heart
(Human Heart)

(The heart or heart of human is that part of the body which is mainly known for the work of pumping blood in our body with the help of the Blood Circulation System.)


वही दूसरे शब्दों में यह ऊतकों तक ऑक्सीजन एवं पोषक तत्त्व पहुंचता है और कार्बन डाइऑक्साइड तथा दूसरे बेकार चीजों को निकालने का काम करता है। एक स्वस्थ मनुष्य का दिल एक मिनट में औसत रूप से 72 बार धड़कता है।

In other words, it reaches oxygen and nutrients to the tissues and works to remove carbon dioxide and other waste.

Human Body
Human Body

A healthy human’s heart beats an average of 72 times a minute.

हमारे शरीर के अंगों को कार्य करते रहने के लिए ऑक्सीजन के आपूर्ति की जरुरत होती है। अगर हमारा ह्रदय शरीर के अंगों को सुचारु रूप से रक्त प्रवाहित नहीं करेगा तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। हमारा ह्रदय  दोनों फेफड़ों के बीच में, छाती के बीच वाले हिस्से में पाया जाता है।

Our body parts need oxygen supply to function. If our heart does not flow smoothly to the body parts, it can prove to be dangerous. Our heart is found in the middle of both lungs, in the middle part of the chest.

 


मानव ह्रदय की संरचना (Structure of Human Heart in Hindi)

ह्रदय एक ऐसा मांसपेशी है, जिसका आकार मुट्ठी से थोड़ा बड़ा होता है। शरीर के दूसरे मांसपेशियों की तरह यह सिकुड़ता एवं विस्तारित होता रहता है। यह अंग जब भी विस्तारित होता है, पूरे बल के साथ विस्तारित होता है,

about heart
About Heart

जबकि दूसरे अंग क्रम के आधार पर विस्तारित होते हैं। जब भी ह्रदय से खून स्पंदित या दूसरे अंगों की ओर पंप होता है, इस प्रतिक्रिया को कार्डियक साइकिल कहा जाता है जो एक मिनट में 72 बार अवतरित होता है। 

The heart is a muscle whose size is slightly larger than the fist. Like other muscles of the body, it keeps shrinking and expanding. Whenever this organ is expanded, it extends with full force, while the other organs expand depending on the sequence. Whenever blood is pulsed from the heart or pumped to other organs, this reaction is called a cardiac cycle which appears 72 times a minute.


ह्रदय का भार पुरुषों में 280 से 340 ग्राम तक होता है एवं महिलाओं में 230 से 240 ग्राम तक का होता है। यह अंग चार चैम्बरों में विभाजित है – ऊपर के तरफ के दो चैम्बरों को आर्टरिया कहा जाता है और नीचे के दो चैम्बरों को वेंट्रिकल कहा जाता है। दाईं तरफ के आर्टरियम एवं वेंट्रिकल मिलकर दायं ह्रदय का निर्माण करते हैं,

Heart Chamber
Heart Chamber

उसी तरह से बायां ह्रदय है। मांसपेशियों का पतला दीवार जिसे सेप्टम कहा जाता है – दायं एवं बायं ह्रदय को दो भागों में बाटते हैं।

Heart weight varies from 280 to 340 grams in men and 230 to 240 grams in women. This organ is divided into four chambers – the two chambers on the top are called the arteria and the two chambers below are called the ventricle. The right side arterium and ventricle together form the right heart, in the same way the left heart is. The thin wall of the muscle, called the septum – divides the right and left heart into two parts.

एक दोहरी परत वाली झिल्ली जिसे पेरीकार्डियम कहा जाता है, वह दिल के लिए एक खोल या कवर के सामान काम करता है। पेरीकार्डियम के बाहरी परत को पारिएटल पेरीकार्डियम कहा जाता है एवं अंदरूनी परत को

pericardium structure
Pericardium Structure

सेरोस पेरिकार्डियम कहा जाता है – इनमे पेरिकार्डियल द्रव्य होता है जो फेफड़ों एवं डायाफ्राम के संकुचन एवं गति के वक्त उनके प्रभाव से दिल को बचाते हैं।

A double-layer membrane called a pericardium acts like a shell or covering for the heart. The outer layer of the pericardium is called the parietal pericardium and the inner layer is called the serous pericardium – they contain pericardial fluid that protects the heart from their effects during contraction and motion of the lungs and diaphragm.


दिल के बाहरी परत के तीन लेयर होते हैं। बाहरी परत को एपिकार्डियम कहा जाता है। बीच की परत जिसे मायोकार्डियम कहा जाता है – इनके अंदर वे मांसपेशी पाए जाते हैं जोकि सिकुड़ते रहते हैं। अंदरूनी परत या एनोकार्डियम का खून से संपर्क रहता है।

epicardium wall

आर्टरिया एवं वेंट्रिकल को जोड़ने का काम अरत्रिओवेंट्रिकुलर वाल्व करते हैं जोकि ट्राइकस्पिड वाल्व एवं माइट्रल वाल्व से मिलकर बने हैं। दाएं वेंट्रिकल एवं पॉल्मूनरी आर्टरी को अलग करने का काम पॉल्मूनरी सेमिलुनार वाल्व करते हैं। बाएं वेंट्रिकल को एओर्टा से अलग करने का कार्य एओर्टिक वेंट्रिकल करते हैं। वाल्व हार्टस्ट्रिंग के सहारे मांसपेशियों से टीके रहते हैं।

The outer layer of the heart has three layers. The outer layer is called the epicardium. The middle layer is called the myocardium – inside these are found the muscles that keep shrinking. The inner lining or anocardium is exposed to blood.

The artesia and ventricle are connected by the artrioventricular valves, which consist of the tricuspid valve and the mitral valve. Pulmonary semilunar valves work to separate the right ventricle and the pulmonary artery. The aortic ventricle functions to separate the left ventricle from the aorta. With the help of valve heartstrings, the muscles are vaccinated.


मानव ह्रदय की कार्य प्रणाली (Function of Human Heart in Hindi)

हमारा ह्रदय दो रास्तों से रक्त संचालित करता है (Function of Human Heart)–

पॉल्मूनरी सर्किट (pulmonary circuit)
यहाँ से ऑक्सीजन रहित खून पॉल्मूनरी आर्टरी से होते हुए दाएं वेंट्रिकल के द्वारा फेफड़ों की तरफ जाता है फिर ऑक्सीजन सहित रक्त के रूप में पल्मोनरी वेन से होते हुए बाएं आर्टरियम की ओर जाता है। 

From here, oxygen-free blood passes through the pulmonary artery to the lungs through the right ventricle and then through the pulmonary vein in the form of blood with oxygen to the left arterium.

सिस्टेमेटिक सर्किट (systematic circuit)
इस भाग में ऑक्सीजन सहित खून बाएं वेंट्रिकल के द्वारा आरट्रीक्ल में, फिर कैपिलरीज वाले भाग में जाते हैं जहाँ से वे शरीर के विभिन्न अंगों को ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।

In this part, blood including oxygen goes through the left ventricle into the aortic, then to the capillaries part, from where they provide oxygen to various organs of the body.

इस प्रकार से ह्रदय सुचारु रूप से कार्य करता रहता है।

In this way, the heart keeps functioning smoothly.

 

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *