Constitution : The Supreme law of the Country India

संविधान : देश का सर्वोच्च कानून

“Constitution is the supreme law of the Land”

आज विश्व के अधिकांश देशों में लोकतांत्रिक संविधान है | लोकतान्त्रिक संविधान में सर्वोच्च प्रभसत्ता (शक्ति) आम जनता में निहित होती है | भारतीय लोकतान्त्रिक प्रणाली में कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित-प्रजा सुखम च सुखम राज्ञः तथा महात्मा गाँधी के सर्वोदय को महत्व देते हुए इसके प्रस्तावना में-प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक, गणराज्य शब्दों का प्रयोग किया गया है | विश्व के अनेक देशों के अनुभवों से प्रेरित (सर्वाधिक ब्रिटेन से) भारतीय संविधान (निर्मित 26 नवम्बर, 1949 एवं लागू 26 जनवरी, 1950) न केवल विश्व का सबसे बड़ा लिखित (मूलतः 395 अनुच्छेद) संविधान है , अपितु अपनी संसदीय यात्रा में लोकतान्त्रिक विकेन्द्रीकरण (पंचायतो) एवं पारदर्शिता को बढ़ावा दे रहा है | विपक्ष की आवाज एवं चतुर्थ स्तम्भ (प्रेस) का महत्व भी आज दिखाई पड़ता है |

(Today there is a democratic constitution in most countries of the world. In the democratic constitution, the supreme power (power) lies in the general public. In the Indian democratic system, the words used in the economics of Kautilya – Praja Sukham Ch Sukham Ragyah and the importance of Gandhi’s Sarvodaya, in its preface – the terms of domination, socialist, secular, democratic, Republican have been used. The Indian Constitution (created on November 26, 1949 and applied on 26 January, 1950), inspired by the experience of many countries of the world (most from Britain) is not only the world’s largest written (originally 395 Articles) constitution, But in it’s parliamentary journey, it is promoting democratic decentralization (Panchayato) and transparency. The importance of the voice of the opposition and the importance of the fourth pillar (press/Media) is also seen today.)

भारतीय संविधान में शासन की संसदीय प्रणाली (ब्रिटेन से लिया गया) के साथ-साथ संघात्मक ढांचा (कनाडा के मोडल) को मान्यता दी गयी है तथा ब्रिटेन की संसदीय सर्वोच्चता एवं अमेरिका की न्यायिक सर्वोच्चता के स्थान पर संविधान को सर्वोच्च माना गया है तथा संविधान की रक्षा एवं व्याख्या हेतु सुप्रीम कोर्ट को न्यायिक समीक्षा (Judicial Review Power) की शक्ति (अमेरिका से प्रेरित) दी गयी है |

(In the Indian Constitution, the parliamentary system of governance (taken from the UK) as well as the federal structure (model of Canada) has been recognized and the parliamentary superiority of Britain and the constitutional supremacy of the United States is considered the supreme constitution and the constitution. The Supreme Court was given the power of the Judicial Review (inspired by America) for the defense and interpretation.) 

EXAM POINT 

रूसो को लोकतंत्र का तथा कार्ल मार्क्स को साम्यवाद का पिता कहा जाता है।  लोकतंत्र एवं संसदीय प्रणाली का विकास ब्रिटेन में तथा लिखित संविधान एवं संघात्मक प्रणाली अमेरिका में हुआ।  मैग्नाकार्टा 1215 ईस्वी में तथा गौरव पूर्ण व रक्तहीन क्रांति की घटना 1688 ईस्वी में ब्रिटेन में घटित हुई। रूसो की चर्चित पुस्तक ‘सोसल कांट्रैक्ट’ तथा कार्लमार्क्स (जर्मनी) की ‘दास कैपिटल’ एवं ‘कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो’ है।

 यदि पसंद आया हो तो जरूर कमेंट करे , आपसे मिले प्रोत्साहन के बदौलत हम और भी पॉइंट्स को प्रस्तुत करेंगे। (If you like, then please comment, due to the encouragement from you, we will present more points.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *