Geography: Site Geography of India

भूगोल :

भारत का भूगोल (site Geography of India)

♦भौगोलिक दृष्टि से भारत की भौतिक संरचना क्षेत्रफल में विशाल तथा स्वरूप में विविधता से युक्त है। ♦इसे गोंडवाना लैंड का एक हिस्सा भी माना जाता है। (गोंडवाना नाम प्राचीनतम जनजाति गोंड के नाम पर पड़ा)♦ इसका अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार लगभग 30 डिग्री है। ♦विश्व की प्राचीनतम मानव प्रजाति नीग्रोइड आदि की निवक स्थल भी भारत है। किन्तु इसका भारत नाम आर्यों के प्रसिद्द कबीले भारत के नाम पर तथा हिंदुस्तान नाम सिंधु को हिन्दू कहे जाने पर तथा इंडिया नाम सिंधु को इंडस कहे जाने पर पड़ा। ♦ Geographically India’s physical structure is vast in the area and is diverse in nature. ♦It is also considered a part of Gondwanaland. (Gondwana named after the oldest tribe named Gond)♦ Its latitudinal and transnational expansion is approximately 30 degrees.♦ The world’s oldest human species Negroids etc. is also the site of the remit of India. But its name is named after the famous tribe of Aryans in India and Hindustan name is called Hindu and India is named as Sindhu.
♦भारत का विश्व क्षेत्रफल में 2.42% अर्थात 3287263 वर्ग किलोमीटर है जिसके कारण यह विश्व का 7वां बड़ा देश है। ♦जनसँख्या में दूसरा सबसे बड़ा देश है (2011 की जनगणना के अनुसार विश्व का 17.5 % हिस्सा) | ♦भारत दो कटिबंधो में चतुष्कोणीय आकार में है।

उत्तर-दक्षिण  3214 किमी
पूरब-पश्चिम 2933 किमी
उत्तरी बिंदु इंदिरा कॉल(जम्मू & कश्मीर)
दक्षिणी बिंदु इंदिरा कॉल-2(ग्रेटनिकोबार द्वीप)
पूर्वोत्तर बिंदु  किबिथू (अरुणाचल)
पश्चिमोत्तर बिंदु  गौर मोदा (गुजरात)
♦India’s 2.42% of the world area is 3287263 square kilometers due to which it is the 7th largest country in the world. ♦The second largest country in the population (17.5% of the world according to 2011 census) | ♦India has two tetragonal shapes in the following categories:

North to south 3214 km
East to West 2933 km
Northern Point Indira Call (Jammu & Kashmir)
southern point Indira Call-2 (Great Nicobar Island)
North East point Kibithu (Arunachal)
Northwestern point  Gour Moda (Gujarat)
भारत का मानक याम्योत्तर (टाइम जोन) 82.5 डिग्री c है जो भारत का मध्य देशांतर है। यह देशांतर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा तथा आँध्रप्रदेश सहित 5 राज्यों से गुजराती है। भारत की सीमाएं इस प्रकार है-

भू-सीमा 15200 किमी
द्वीप सहित जलीय सीमा 7516.6 किमी
तटीय सिमा 6100 किमी
India’s standard post-time zone (time zone) is 82.5 degree c, which is the mid-longitude of India. This longitude passes through five states, including Uttar Pradesh, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Orissa and Andhra Pradesh. India’s borders are as follows:

Land border 15200 Km
Aquatic boundaries with islands 7516.6 Km
Coastal Border 6100 Km



  • भारत के तटीय राज्य (9 राज्य) इस प्रकार है-

गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्णाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्रा प्रदेश, ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल

गुजरात कि सिमा सबसे लम्बी 1200 किमी है तथा इसके बाद आंध्र प्रदेश की सिमा 974 किमी है।

  • भारत तथा पडोसी देशो (8 देशो) का सिमा विस्तार-

पाकिस्तान (3310 किमी), अफगानिस्तान (80 किमी), चीन (3917 किमी), नेपाल (1752 किमी), भूटान (582 किमी), म्यांमार (1643 किमी), बांग्लादेश (4096 किमी) एवं श्रीलंका (जलीय सिमा रेखा)

भारत की सबसे ज्यादा सिमा साझेदारी बांग्लादेश से है तथा सबसे छोटी सिमा रेखा अफगानिस्तान के साथ है।

  • देश और सीमा से जुड़े भारतीय राज्य: 

पाकिस्तान- गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मू कश्मीर
अफगानिस्तान- जम्मू कश्मीर
चीन- जम्मू कश्मीर, हिमांचल, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश
नेपाल- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम
भूटान- सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असं, अरुणाचल प्रदेश
म्यांमार- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम
बांग्लादेश- त्रिपुरा, मिजोरम, आसाम, मेघालय, पश्चिम बंगाल

  • प्रमुख सीमा रेखाएं एवं विवाद

मैकमोहन रेखा– भारत + चीन
रेडक्लिफ रेखा– भारत + पाकिस्तान
डुरंड रेखा– पाकिस्तान + अफ़ग़ानिस्तान
सरक्रीक विवाद– भारत + पाकिस्तान
कच्चा टीबू द्वीप विवाद– भारत + श्रीलंका
LOC (लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल)– भारत + पाकिस्तान

  • भारत के सम्पूर्ण क्षेत्रफल का लगभग 11% भू-भाग पर्वतीय, 18% भाग पहाड़ी, 28% भाग पठारी एवं 43% भूभाग मैदानी है।

भारत के विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के कारण यह प्राचीन काल से ही समृद्ध सभ्यता एवं आर्थिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इस विशाल प्रायद्वीप के उत्तर तथा पूर्व में हिमालय तथा तीन सागरों से घिरा हुआ क्षेत्र है। भारत की हिन्द महासागर में केंद्रीय स्थिति के कारण ही इस सागर का नाम हिन्द महासागर पड़ा। हिन्द महासागर भारत के लिए भू-सामरिक, राजनैतिक एवं आर्थिक महत्व रखता है। आजकल हिन्द महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियां भारत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। 

(Due to the specific geographical location of India, it has been the center of prosperous civilization and economic activity since ancient times. There is an area surrounded by Himalayas and three seas in the north and east of this vast peninsula. Due to the central position in India’s Indian Ocean, this ocean was named Indian Ocean. The Indian Ocean holds geo-strategic, political and economic significance for India. Nowadays, China’s growing activities in the Indian Ocean are becoming a matter of concern for India.)

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